भोयरी संस्कृति - ३७ : सात आसरा
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
सात आसरा या गावदेवता स . अप्सरा को अपभ्रंस आसरा ! आसरा या जलदेवता स . आसरा भीर , तलाव , नदी असऽ पानी क ठिकान प रव्हस , तेकन वून ला जलदेवता मानस . आसरा ला सात आसरा , सती आसरा , साती आसरा , सात अप्सरा , सात माता , माहुली ( माऊली ) बी कोस .
जमीन आन् पानी को बराबर बखत ला बराबर योग भयकन् फर , फुल , झाड , फसल उगवस . तेकन या देवता जमीन आन् पानी सिन सम्बधित स .
सात आसरा या पानी की रखवाली करनी वाली देवता . सात आसरा देवता को सम्बध सिंधू संस्कृती पावतर जास .
कोनी सात आसरा को सम्बध सप्तमातृका सिन बी दिखाडस .
आसरा हरदम सात क आकडाकन् रव्हस , तेकन सात आसरा !
आसरा ला देवना की सोबतीन ना समजस . कहान कहान सात आसरा संग येक भाई / पोटु बी रव्हस .
सात सेंदूर लगाया दगुडना , असो आसरा को रूप रव्हस .
सात आसरा का नावना : १. मत्स्यी ( मच्छी क रूप म ) २. कूरमी ( कासू क रूप म ) ३. करकटी ( खेकडा क रूप म ) ४. दरदुरी ( मेंडकी क रूप म ) ५. जतुपी ६. सोमपा ७. मकरी ( मगर क रूप म )
पूंजा : * खेत म चांगली फसल आवन साठी , भीर को पानी आट्या नी पाह्यजे तेक साठी , फसल प रोगराई नी आया पाह्यजे तेक साठी आसरा की पूंजा करस . अवस ला नारेल फोडस .
* आसरा को सम्बध जास्त करकन् बाई अन् पोटुबाटुना सिन रव्हस . बाई को बारतपन चांगलो भया पायजेन , पोटुबाटुना की तब्येत चांगली रह्या पायजेन , येक साठी बी आसरा की पूंजा करस .
मान्यता : * जवान पोटी नी त् येक दुय पोटु वाली बाई न कोन कारनकन् पानी म जीव देये , त वून की आत्मा येन रूप कन् रव्हस , असी मान्यता स .
* अवस - पुनव ला कोनी मानूस पानी म डुबकन् मरे , त वोला आसरा न वोढेस , असी अंधसरधा स .
* सर्ग म रव्हनी वाली बाईलोग ला अप्सरा कोस . अथर्व वेद म येकी जानकारी भेटस . रुगवेद क बाद क कार म भूलोक आन् खास करकन् झाड बी आसरा क संचार की जागा मानीस . उंबर आन् परस पर इन को निवास रव्हस , असी मान्यता स .
* कयी जागा पर गाय , महिस बेन्या पर वोको तीन दिन को चीक आसरा ला अरपन करस , नी त् दूध आटस , असी मान्यता स .
* ज्यान तीन रस्ता / येकपावल्या मिरस वहान बी आसरा रव्हस , असी मान्यता स .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खूब साजरी रचना अभिनंदन भैय्या जी
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteखूब साजरी माहिती.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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