Saturday, October 3, 2020

अजब गजब , भाग - १०: हनुमान मंदिर , जाम सावली. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब , भाग - १० : चमत्कारी हनुमान मंदिर , जाम सावली

Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

संकट कटै मिटै सब पीरा ।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा ।।

मध्यप्रदेस म छिंदवाडा जिला क सौंसर ब्लाॅक म सौंसर - पांढुरना रस्ता प चमत्कारी हनुमान मंदिर , जाम सावली स . नागपूर - छिंदवाडा हायवे परिन २ कि.मी. आन् सौंसर परिन ७ कि.मी. की दूरी पर इ पावन धाम स . रामभगत , संकटमोचक हनुमान जी की मूरती यहान पिपर क झाड ला लागकन् स . या मूरती ' शयनमुद्रा ' म स . सनवार आन् मंगरवार ला यहान रोज सिन जास्तच भीड रव्हस . 
मध्य भारत क ' दण्डकारण्य ' म , सतपुडा - मैकल पहाडी म जाम नदी आन् सरपा ( सर्पिणी ) नदी क संगम पर सावली गाव म इ धाम स . नागपूर परिन जाम सावली ६६ कि.मी. स . जाम सावली हनुमान मंदिर पासिन १.५ कि.मी. दूर जाम नदी को परसिध्द घोगरा जलप्रपात आन् वहान क पहाडी प भगवान महादेव की मूरती स . 
१. इतिहास आन् मान्यता :  * १५ फीट उच्ची या हनुमान जी की मूरती ' स्वयंभू ' स , आन् पिपर क झाड मिसिन निकरीस , असी मान्यता सऽ .
* त्रेता जुग म बनवास क बखत भगवान सिरी राम जी जाम सावली धाम परिन गयाता , असी मान्यता सऽ .
* महाभारत काल म महाबली हनुमान जी न जाम सावली म भीम को ' गर्वहरण ' करेतो , असी मान्यता स .
* बुजरूक लोगना सांगस क , पह्यलऽ क जमाना मऽ या हनुमान जी की मूरती पिपर झाड जवर उभी होती . पिपर क झाड जवर गुप्तधन स , असो लोगना ला वाटत होतो . कयी बरस पह्यले कोनी लोगना इ गुप्तधन चोरन साठी पिपर क झाड जवर गया . तब वू गुप्तधन बाचाडन साठी हनुमान जी लेट गया . २० - २० बयील , घोडाना लगायकन् बी वा मूरती जागा परिन हाली बी नी आन् तब पासिन वा उसीच स , असी मान्यता स .
* रामायन काल म लक्सुमन जी साठी जब हनुमान जी संजिवनी बुटी को ' द्रोनागिरी ' परबत लाय रह्याता , तब जाम सावली म वून न आराम करे , असी मान्यता स .
* पटवारी रिकार्ड म येनऽ धाम की सिरफ सेंबर ( १०० ) बरस की च माहिती स . 
* हनुमान जी क नाभी ( बोंबली ) मिन हरमेस पानी निकरत च रव्हस . येनऽ पानी को भगतना तीरथ लेस . येकन चमडी की बिमारी खतम होस , असी मान्यता स .
* बुरी बला , भूत - परेत बाधित लोगना , मानसिक बिमारी का मरीज यहान ठिक होस . सवा मह्यनो ( ४१ दिन ) मरीज ला यहान रव्हनो लागस . रोज नितनेमकन् तीरथ जल लेनो लागस . सकार - झालपड्या की आरती करनो लागस . येन नेमकन् मरीज ला भूत पिसाच्च पासिन मुक्ती भेटस , असी मान्यता स .
* हनुमान जी क मूरती जवर बाई लोगना ला जान की मनाई स . 

# हनुमान मंदिर जाम सावली इ जागरीत धाम स . संकटमोचक हनुमान जी भगतना क नवस ला पावस , वून की मन्नत पूरी करस . परसिध्द हनुमान जी क दरसन साठी दूर दूर सिन लोगना आवस . हनुमान मंदिर जाम सावली क पावन धाम पर रोजच दरसन साठी हजारों लोगना आवस . यहान की येवस्था ट्रस्ट करस पन् पुलीस विभाग की जवकी बी स . हर मह्यना ला भगत लोगना २०/२५ लाख रुप्या को चढावो भक्तिभाव कन् देस . 
# हनुमान जयंती ला यहान मोठो उत्सव रव्हस .
जय हनुमान ग्यान गुन सागर
जय कपीस तिहुं लोक उजागर ।।

लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर 

5 comments:

  1. सुन्दर परिचय जागृत देवस्थान का।।

    ReplyDelete
  2. जय हनुमान जय श्री राम 🙏
    बढ़िया रचना

    ReplyDelete