अजब गजब - २० : किराडू
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
राजस्थान क बाडमेर जिला म हाथमा गाव जवर परसिध्द अचंबो " किराडू " स .
किराडू थार क रेगिस्तान म बाडमेर पासिन ३५ कि.मी. आन् जयसलमेर पासिन १५७ कि.मी. स .
यहान भगवान महादेव का १०८ आन् भगवान बिस्नूदेव को १ देऊर होतो , असी मान्यता स . आबऽ ठीकठाक हाल म ४ देऊरना भगवान महादेव आन् १ देऊर भगवान बिस्नूदेव को बाचेस .
१. इतिहास आन् मान्यता : * किराडू पह्यले ' किराड कोट ' नाव कन् परसिध्द होतो . येला किराड राजपूत वंस न बसाडेतो . ६ व सदी पासिन ८ व सदी पावतर किराडू खूब आस्कारेतो . वोन बेरा पर मुलुख क लुटेरा - डाकूना ला किराडू को भायीच हिरस वाटत होतो .
* किराड राजपूत गुजरात क चालुक्य राजा का सामंत होता .
* ११ वी , १२ वी सदी म किराडू पर परमार राज होतो . परमार राजा सोमेश्वर जी न किराडू क चवतरफा उन्नती साठी खूब मेहनत करी आन् किराडू क वयभव ला इतिहास म समेटे .
* इतिहासकार लोगना को कह्यनो स क , १३ वी - १४ वी सदी म तुरक डकाइतना न किराडू ला लुटे आन् खूब मारकाट करी . पर यहान का लोगना दुसरीच गोस्ट सांगस .
* १२ वी सदी म येक साधू आपलऽ चेला चपाटा संग किराडू आया . लोगना न वून को मानपान करे . कयी दिन क बास्त साधू येकलो च घुमन ला गयो . वून का चेला वहान च थांब्या . थोडऽ दिन बाद किराडू म महामारी फयली . आपलच गुताडा म फस्या लोग साधू क चेलाना की देखभाल नी कर सक्या . येक मथारी कुम्भारीन न मातर जेतरी होयेन वोतरी देखभाल करी . तब च साधू बी वहान पुग्यो . किराडू की भयंकर हालत देखकन् साधू बी अचंबा म च पडे . चेलाना की दूरदस्या देखकन् साधू ला खूब राग आये . वोन रागतम म च साधू न सराप दे क , ' येन महामारी म किराडू क लोगना न वून क चेलाना की देखभाल नी करी , तेकन किराडू का सबन लोगना दगड बनेन .' मथारऽ कुम्भारीन ला साधू बाबा न कह्ये क् दिन बुडन क पह्यले तुमी किराडू सोड देव , नी त् तुमारो बी दगड बनेन . आन् अजून सांगे क जान क बेरा पासऽ देखन को नहाय , नी त पस्तावनो पडेन . भेबारी कुम्भारीन आपलऽ घर गयी आन् सामान सुमान बांधकन् निकरी . रस्ता म वोला साधू क सराप पर स्यक आये आन् पासऽ देखे . बस तुरुत च वा दगड बनी . किराडू जवर क सिंगनी गाव म वोकी दगड की मूरती स .
तब पासिन येनऽ सराप को भेव लोगना म स . कोनी बी दिनबुड्या बाद किराडू म थांबत नी .
* यहान इ.स. ११६१ को येक सिलालेख स जेमऽ परमार सिंधुराज पासिन सोमेश्वर राजा पावतर की वंसावरी लिखी स. इतिहासकार लोगना को कह्यनो स क , इ देऊरना ११ व सदी म परमार राजो दुलस्यालराज आन् वोकऽ वंसजना न बनायास . सबन देऊरना म सोमेश्वर को देऊर सबसिन मोठो स .
किराडू की सराप की कथा हिम्मत वाला खोजी लोगना ला आपरंग च आपलऽ कितऽ वोढस .
किराडू देऊरना की वास्तुकला अजब गजब च स . या कलाकारी मानुसना की नी होयकन् देवना की च होयेन , असो च कोनी ला बी वाटस . अदभूत कारागीरी की मूरतीना , नक्कासी वाला खम्बा , मंडप , गाभारो देखनी वाला ला अचंबा म च डावस .
सराप कन् नी त् कोनी बी कारन कन् ९०० बरस पासिन रिठ्यो भयो किराडू अजब गजब च स !
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खुब साजरी माहिती
ReplyDeleteधन्यवाद मनोज जी
Deleteसुन्दर प्रस्तुति, खुप साजरो लिखान
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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