Sunday, October 18, 2020

जीव सिव सिल बट्टो. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

जीव सिव सिल - बट्टो 
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

जोडी दिखाडे तंतर
जीव सिव सिल - बट्टो
थोडो सिखाये मंतर
लागे नाव ला नी बट्टो ।१।

तेज जीब की मिरची
धरे अभिमान खोटो
दान दमडी नी खर्ची
पुन्य म घाडोच टोटो ।२।

भाग्या असत् क पासऽ
फोड्या टोंगरा न घोटो
भारे डोरा ला अगास
बोट ला ठेसे गा गोटो ।३।

मतलब को मसालो
बाटे गा पाटो उरुटो
असो थेथरेस कालो
पाजे काढा वालो ढोटो ।४।

सोडो गरव गुमान
नको करू खोटो नाटो
देवो गनगोत मान
माया ममता ला बाटो ।५।

परउपकार कांदो
सत् करम सिल- बट्टो
भाव लसन ला चेंदो
खुसी म नी आय घाटो ।६।

रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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