अजब - गजब , भाग - ३ : धरती - मुरती
नागपूर - अमरावती हायवे परीन बोरी - काटोल की सडक जास . नागपूर पासिन पकड लेव अंदाज कन् ६० कि. मी . बोरी गाव क आघऽ येक कोस पर स ' कार नदी '. या कार नदी वरधा नदी ला जायकन् मिरस . वरधा आन् नागपूर जिला की हद स या कार नदी . येनऽ नदी क दुय आंगऽ , दुय जिला म आवनी वाला " धरती - मुरती " यी जोडगाव स . धरती वरधा जिला म त् मुरती नागपूर जिला म ! दिसन साठी त् यी गाव बाकी गाव सरखाच स , पन् स अजब- गजब !
* पह्यली गोस्ट त् महाराष्ट्र म को ' भोरगड ' यासिन ३/४ कि.मी. पर .
* दुसरो अचंबो मनजे मुरती गाव पासिन सडक क काठऽ काठऽ दिसस कारा दगड का गोल गोल घेराना .
* ज्या चिज समझ म नही आयी , वोला आमी जोडजेन राकसना क कथा संगऽ . पन् यी राकस को काम नहाय . इ स आज पासिन ३००० बरस क इतिहास की निस्यानी .
* ' ताम्रपाषाण ' युग क बाद मऽ लोहा की खोज भयी . वोकन खेती को बी विकास भये . येनऽ युग ला " लोहयुग " इ नाव देयेस . येनऽ संस्कृति का अवसेस विदर्भ म खूब स . येनऽ संस्कृति को बखत इ. स. पू. १००० पासिन इ. स. पू. ८०० मानस .
* लोहयुग काल म दफन को विसेस तरीको होतो . पह्यले गड्डो खंदकन् वोम मयत नही त् वोका फुल धरत होता . वोकऽ अगल बगल म बाद क जिंदगी म काम आयेन असा इसरा , चिज धरता आन् माती कन् बुजाय देत होता . वोनऽ गड्डा क भवताल दगड ना मांडकन् गोल घेरो बनावत होता , जेला आपन ' शिलावर्तुळ ' ( stone circle ) कव्हजे .
* यी लोगना ज्यान पानी की सुबिधा , अवजार बनावन साठी गारगोटी , सिकार साठी जंगली जनावर , कंद मुरा भेटेन वहान बस्ती करत होता .
* धरती - मुरती ला २०/३० येकट म सव क वरतऽ यी ' शिलावर्तुळ ' स . वून का मोजमाप ल्या पर वूई ३० फुट , ४० फुट आन् ५० फुट का भऱ्या . इन को परमान १० क पट म च स . उचाई ३ फुट पासिन ५ फुट पावतर दिसी . आन् अचरज की गोस्टऽ स क हरेक म ४० स च दगुडना स . कयी दगड का खंबा बी मला सापड्यास . वून की उचाई ५/६ फुट की आन् आकार म पाचकोनी न् साहाकोनी स .
* गाव क कास्तकार ला पुस्या पर वून नऽ सांगे क् वून क खेत म कऽ ' शिलावर्तुळ ' म तांबा - पितर का गह्यनाना सापड्यास . सारऽ सिवार म लाल माती स पन् ' शिलावर्तुळ ' क भरन मऽ नदी क गार की कारी माती स .
* यहान बी भोयरना का घर ८० % स .
* धरती - मुरती ला बी ३००० बरस को इतिहास स . यहान भोयरना ३००/४०० बरस क पह्यलेच आयास .
* धरती - मुरती कऽ " शिलावर्तुळ " को मोजमाप , इतिहास आन् जानकारी को म्हरो शोधनिबंध ' अरूणा प्रकाशन , लातूर ' क " शोध - यात्रा " किताब म २०१३ ला प्रकासित भयेस .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
धर्ती मूर्ती गावक इतिहास की खूब साजरी माहिती,शिलावरतुल क बारा म देि महत्वपूर्ण माहिती.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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