अजब - गजब , भाग - ५ : रामगढ
Language of article : bhoyari dialect _ भोयरी बोली
महाराष्ट्र मऽ नागपूर - अमरावती हायवे पर नागपूर जिला म कोंढाली गाव स . कोंढाली - मासोद कामठी सडक पर कोंढाली पासिन ६ कि.मी. दूर जेवनऽ हाथ पर दिसस अजब गजब ' रामगढ '! रामगढ क पेट म स ३००० बरस को इतिहास ! रामगढ क पहाडी ला दुय गढना स . येक ला रामगढ कोस आन् दुसरा ला लकसुमन गढ !
१. पास्यान युग : पास्यान जुग का लोगना गुफा मऽ बी रव्हत होता . असीच गुफा रामगढ म स . सूर्व्यामुखऽ येन गुफा की लंबाई ५५ फुट आन् चवडाई १३ फुट स . हात वरतऽ करकन् उभो रवता आयेन असी ८ फुट की उचाई स छत की . गुफा क छत को आकार कमान सरखो स . पुरातत्त्व स्यास्तर मऽ येला हत्ती क पाठ को आकार ( गजपृष्ठ आकार ) कोस . येमऽ कुटुम्ब रवन लाईक जागा स . येक घरच समजो . या गुफा आपरंग नही बनीस . वोनऽ जमाना म येला खंदकन् बनायीस . या गुफा आन् गुफा की जागा अजब गजब स . रामगढ क पहाडी पर या गुफा असऽ जागा पर बनायीस क् जवर जात पावतर वा दिसत नही . पहाडी पर अरधऽ डोना सरखी जागा स जी रस्ता परिन दिसत नही . येन डोना सरखी जागा क येक ठड्डी ला या सूर्व्यामुखऽ गुफा बनायीस . इ वून को बचाव को , उजिड को खास तंतर . गुफा म रवनी वाला ला दूर को सबन दिसस ; पन् वूई लुककन् रव्हस . आन् भेव , खतरो दिख्यापर वूई पटकन् चंदर कोर क आकार वाली पहाडी पर चेंगकन् आन् हमलावर ला घेरकन् दगुडना को जोरदार हमलो कर सकत होता . आन् समजो हारन की नवबत आयी त् वोकऽ बचाव को बी गुफा म जुगाड स . गुफा क अंदर येक मानूस जान जोगती भुयार को चोर रस्तो बी स . येनऽ चोर रस्ता कन् १००/२०० फुट , कोनी ला दिस्याबगर जाता आवत होतो . वू रस्तो पहाडी पर जास , ज्यान खूब मोठमोठा कारा दगना स . वासिन आजूबाजू का कयी भोयर समाज का गावना दिसस .
२ . वाकाटक राज को जुग : पास्यान जुग की संस्कृती सप्या बाद यहान २००० बरस पासिन क वाकाटक राज का अवसेस बी सापडस . सातवाहन राज क बाद वाकाटक राज आये . वाकाटक राजो प्रवरसेन ला चार पोटूना होता . तेकन राजा न आपलऽ राज का चार हिस्सा कऱ्या . मोठा की राजधानी पह्यलऽ नगरधन आन् बाद मऽ पवनार होती . आन् बाकी पोटूना की वासिम , छत्तीसगढ आन् सोलापूर जवर होती . येन बेरा रामगड येक मोठो ठिकानो / ठानो होतो .... मोठी बसती होती . या जानकारी पुरातत्व विभाग म सापडस . रामगड पर आबऽ बी लोगना ला सोना चांदी का नाना - मोठा भांडाना सापडस .
३ . रिठी गाव : या संस्कृति नांदन क बाद म बी रामगड आबाद होतो . पटवारी रिकार्ड म रामगड रिठी गाव स .
४ . वर्तमान : आबऽ रामगड क गुफा म सिवलिंग आन् गनपति की मूरत स . वरतऽ क टेकडा पर सेंदूर का देवना स . वहान येक केसव नाव को साधू रव्हत होतो . उसा त् केताक साधूना आया आन् जप तप करकन् गया . गुफा क जवर येक भीर बी खांदकन् देखीती पन् वला पानी नही लाग्ये . गुफा की येक विसेसता असी क वोमऽ तुरटी सरखी बास आवस . कारंजा क लटारे महाराज क जमाना पासिन रामगढ म महासिवरातरी ला मोठी यातरा भरस . रामगढ परिन चिखली , मासोद गाव जवरच स . रामगढ क गुफा म सरावन , कारतिक , चईत मह्यना म भजन किरतन करस . आजूबाजू क सिवार वाला खेती को कोनतो बी काम करन क बेरा पह्यले गुफा म पूंजापाती करकन् नारेल फोडस .यहान क लोगना म असी मान्यता सऽ कऽ भाग्यवान मानुस ला रामगढ पर अवस आन् पुनव ला बंडी चालन को न् भदाड बाजन को आवाज आवस . रामगढ आबऽ तिर्थक्षेत्र स . आन् ई. स. २००८ म आमी न यहान ' युवा भोयर पवार मंच ' को कार्यक्रम करेतो .
५ . रामगढ , भोयर आन् मालवांचल : रामगढ क पट्टा म सारा भोयर का च गावना स . नगरधन - पवनार क वाकाटक राजा ' दुसरो रुद्रसेन ' संगं मालवा क चंदरगुप्त राजा की पोटी प्रभावती को ब्याह भयो . रुद्रसेन खप्या बाद वोको पोरग्यो दिवाकर सेन राजो बने . वू नानो होतो तेकन वोकऽ आजा न ( राजा चंदरगुप्त ) मालवा परिन कयी लोगना ( अधिकारी ) यहान पठायाता . बाद म दिवाकरसेन क नातू न ( नरेंद्र सेन ) मालवा पर बी राज कऱ्यो . भोयर पट्टी आन् मालवा को नातो असो पुरानो स . येन पट्टा क गाव धारपुरे कुटुम्ब बी जास्त स . धार सिन आया वूई " धारपुरे " .
सहयोग : १. सुरेश मोतीराम बारंगे ,चिखली [लेख ]
२. हरिराम बारकु जी फरकाडे , उमरी. ३. मनोज गोरे , कोंढाली [ फोटो ]
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
रामगड गुफा खरंच देखनू लायक स.भाऊन मस्त माहिती दीस धन्यवाद.
ReplyDeleteधन्यवाद ढोले सर...
Deleteराम गड़ के इतिहास की जानकारी बहुत ही ज्यादा सिकने लायक रही है और एक सिक प्रदान कर देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया सुरेश जी काका 🙏🏻
Deleteधन्यवाद जी....
Deleteरामगढ गुफा,खुबसूरत वर्णन करेस...देखन लायीक ठीकाण स.
ReplyDeleteरामगढ को महत्व आब् मालुम भये. धन्यवाद "जय श्री राजा भोज 🙏🙏
धन्यवाद नागेश सर
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