भोयरी संस्कृति - २२ : रथसप्तमी
Bhoyar people _ bhoyari culture
सूर्यग्रहणतुल्या तु शुक्ला माघस्य सप्तमी ।
अचला सप्तमी दुर्गा शिवरात्रिर्महाभर : ।।
Article language : bhoyari dialect _ bhoyari boli
भोयरी संस्कृति मऽ माघ मह्यना क चांदनी ( उजरी ) सप्तमी ला ' रथसप्तमी ' यी तिवार आवस . रथसप्तमी यी सूर्व्यदेव क पूंजा को दिन होय . रथसप्तमी ला च अचला सप्तमी , आरोग्य सप्तमी , भानु सप्तमी , माघ सप्तमी , सूर्य जयंती बी कोस .
१ . मान्यता : * भविस्य पुरान कऽ अनुसार देवमाता अदिती आन् महरसी कस्यप को पोरग्यो ' सूर्व्यदेव ' को इ जलमदिन मानस .
* सूर्व्यदेव सात पांढरा घोडा क रथ पर सवार होयकन् महादेव मुखऽ जास .
२ . दिन विस्येस : * दकसिन भारत म रथसप्तमी ला सूर्व्यदेव की पूंजा करस आन् रथ यातरा काढस .
* तिरुपती क बालाजी मंदिर मऽ बी रथसप्तमी ला धुमधामकन् मनावस .
* बिहार , झारखंड , उडिसा आन् कयी जागऽ रथसप्तमी को तिवार मनावस .
* रथसप्तमी ला नरमदा माय की जयंती रव्हस .
* रथसप्तमी क दिन को दान - पुन ला गिऱ्यान क दान - पुन सरिखो सुभ मानेस .
* सूर्व्यदेव क सारथी को नाव अरुन स .
* सूर्व्यदेव को येक नाव " भारत " बी स , जी आपलऽ देस को नाव स .
* सूर्व्यदेव को रथ सात लोक म फिरस .
* रथसप्तमी यी संगरात् क हरद कुकू को आखरी दिन रव्हस .
३ . पूंजा : रथसप्तमी ला झुंझुरका च सडो सारवन करस . तुरसी बिंदराबन क आघऽ रांगोरी कन् रथ पर सवार सूर्व्यदेव काहाडस . बेल
फुल , उदबत्ती , चंदन , कपूर , पानी , दिवो , अकसिद , आरती कन् सूर्व्यदेव की पूंजा करस . आंगना म गवरीना बारस . वान तीन दगडना मांडकन् चूल बनावस . वोपर गाडगा म दूध , गुर / साकर , चऊर डायकन् धरस . येनऽ खिर ( पायस ) ला उतू जान देस .
अगनी देव क निवद साठी वोला उतू जान देनु , असी मान्यता सऽ . येन खिर को परसाद बाटस .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर .
भोयर पवार समाज की सण परंपरा की खूब साजरी माहिती दीस धन्यवाद.
ReplyDeleteSundr varnan shri Sureshji Deshmukh dwara Rathsaptami ka
ReplyDeleteधन्यवाद जी
Deleteखुब साजरी माहिती
ReplyDeleteसंकरात को आखरी दिन रथसप्तमी की खुप साजरी जानकारी ।।
ReplyDeleteधन्यवाद नागेश सर
Deleteहमे एक अच्छी जानकारी देने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया सुरेश जी काका 💐💐🙏🏻
ReplyDeleteधन्यवाद विक्की दा
Deleteखूब साजरो लिख्यो है अभिनंदन जी
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