Saturday, September 25, 2021

यादें ( कविता ). Hindi language _ हिंदी भाषा

यादें
Hindi language _ हिंदी भाषा

स्वाती नक्षत्र मे सीप में बस जाती
रंगीन पलों के इंद्रधनुष में रच जाती
सावन की फुहार , फुलों की बहार
रोम रोम में यादें रच बस जाती ।

रोज उगता सूरज सुनहरी यादें लिए
रोज नींद की आगोश मे सोती है यादें
सुहाने ख्वाबों की सुरदीर्घिका मे 
दुधीया रोशनी मे जगमगाती है यादें ।

बेहद प्रिय सभी यादों के हिरे मोती
याद नहीं , यादों का खजाना है
दिल में संजोये है हर पल को
यादों के संग संग ही जीना है ।

रचना : इंजि. सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

No comments:

Post a Comment