भोयरी संस्कृति - १७ , भाग - ३ : दिवारी
धनतेरस
ॐ भूरिदा भूरि देहिनो , मा दभ्रं भूर्या भर ।
भूरिरेदिन्द्र दित्ससि ।
ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन् ।
आ नो भजस्व राधसि ।। ( ऋग्वेद )
' समुद्र मंथन ' क बेरा , तेरस ला भगवान धन्नात्री ( धन्वंतरि ) अमरित कलस लेकन परगट भया . तेकन येन तेरस ला धनतेरस ( धनत्रयोदशी ) कव्हस .
भगवान धन्नात्री कलस लेकन परगट भयाता तेकन धनतेरस ला बरतन - भांडा खरीदन की परम्परा सऽ . येन दिन धन ( वस्तू ) खरीद्याकन् वोम तेरा गुना बाहाड ( वृध्दी ) होस , असी मान्यता सऽ . धनतेरस ला चांदी , चांदी का बरतन खरीदन को बी रिवाज सऽ . चांदी चंदर को प्रतिक , जी ठंढक आन् मन म संतोस को धन दान करस .
भगवान धन्नात्री दवाई - पानी , तब्येत की देवता . चांगली तब्येत की कामना आन् संतोस साठी वून की पूंजा करस .
धनतेरस क दिनच लक्षुमी पूंजा , मूरती ला बजार मिन घर ल्यावस .
धनतेरस ला पह्यलऽ दिन क गोंधन पर अजून गोंधन मांडस . आंगना म चऊक पुरस आन् आंगना क दकसिन कोनटा म , यमदेव ला अरपन करन साठी दीपमाला लगावस .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
प्रशंसनीय ।।।।साजरी खुप साजरी माहीती!!!!@
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteधनतेरस की खूब साजरी माहिती
ReplyDeleteखुब साजरी व उपयुक्त माहिती
ReplyDeleteधन्यवाद मनोज जी
Deleteखुब साजरी व उपयुक्त माहिती
ReplyDeleteधन्यवाद गोरे जी
Deleteसुरेश भाऊ खरच आतिशय सुंदर माहिती सं तूम्ही लोगना लिखस तेकन आमाला वाचनला भेटस आनं अधिक की माहीती होस .नविढी साठी खूपच उपयुक्त माहीती सं .
ReplyDeleteतूमाला अन तूमारं येन कामला खुपखुप शुभेच्छा .
*शुभ धनतेरस*
ReplyDeleteभगवान धनवंतरी अमृत से भरा हुआ कलश आपके घर लाए।
सुख समृद्धि ,ऐश्वर्य और कोरोना से सुरक्षित के साथ धनतेरस की आपको और आपके परिवार को बहुत-बहुत शुभकामनाएं ।
🙏🏻बारंगे परिवार जबलपुर🙏🏻