Thursday, July 2, 2020

भोयरी संस्कृती - ३ : चऊक पूरनो

# भोयरी संस्कृती - ३ #
* रंग कला की अनोखी भोयरी संस्कृती *
चऊक पूरनो --- चऊक पूरनो कऽ मतलब सं जमीन पर चितरंग , सुभचिन्ह काहाडनो . चऊक को डिझाईन चवकोर रव्हस. " चऊक पूरनो " ( चौक पूरनो ) इ नाव पंजाब , हरयाना , उत्तरप्रदेश मऽ बी बापरस. येला महाराष्ट्र मऽ रांगोळी , गुजरात मऽ रंगोली , आंध्रप्रदेश मऽ मुग्गुल , तामिलनाडू मऽ कोलम , हिमाचल प्रदेश मऽ अदूपना , बंगाल मऽ अल्पना , राजस्थान मऽ मांडणा , बिहार मऽ ऐपन कव्हस . हरेक सनतिवार , पूंजापाठ , ब्याह , संस्कार , सुभ अवसर पर घर - आंगन मऽ चऊक पूरनो आपलं संस्कृति को प्रतिक सं . ' चवसठ कला ' मऽ की या येक कला सं. चूनो , गेरु , पीठ ( आटो ) , हरद , चऊर , रांगोरी कऽ माध्यमकन् चऊक पूरस. या परम्परा वैदिक काल पासून सं . 
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर .  7066911969

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