Tuesday, March 19, 2024

भोयरी बोली ग्यान। भाग - ६। bhoyari dialect _ भोयरी बोली

भोयरी बोली ग्यान 
भाग - ६
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

१. साथरी = 
भोयरी बोली - बिछावन, बिस्तर, वो कपड़ों / गादी ज्या खाट पर बसन ला , लेटन ला हाथरस। 
मराठी भाषा - बिछाना, गादी / दरी जी खाटेवर बसण्यासाठी/ झोपण्यासाठी अंथरतात.
हिंदी भाषा - कुश की बनी छोटी चटाई।
संस्कृत भाषा - संस्तरण
सो भूमि भई साथरी
कहिए कारण कूण।

२. कथरी/ कथडी
भोयरी बोली - जुनअ - पुरानअ धोतर, लुगड़ा ला सिय कन् बनावस ती - वाकर
मराठी भाषा - जुन्या धोतर - लुगड्यांना शिवून बनविलेले अंथरूण/ पांघरूण  - वाकळ  , गोधडी
हिंदी भाषा - पुराने कपड़ों को जोड़ कर बनाया गया बिछौना - गुदड़ी।
करी बिछावन तहॅं बड़ भारी
गादी तकिया बहुत अपारी।

३. पीढ़ा / पीढ़ो 
भोयरी बोली - काठ / लकड़ी को पाय वालों नान्हो आसन / चवकी।
पीढ़ा पर बस कन जेवन करस। 
पीढ़ा की लंबाई देढ़ - दुइ हाथ , चवडाई पाऊन - येक हाथ आनअ उचाई  चार - सा उंगल रवस। 
मराठी भाषा - लाकडापासून बनविलेले बसावयाचे आसन - पाट.
हिंदी भाषा - लकड़ी का पायेदार छोटा आसन , छोटी चौकी। लंबाई देढ़ - दो हाथ , चौड़ाई पौन या एक हाथ और उंचाई ज्यादा से ज्यादा चार - छह उंगली 
संस्कृत भाषा - पीठ , पीठक

शोधार्थी : सुरेश महादेवराव देशमुख 

No comments:

Post a Comment