Monday, January 9, 2023

भोयरी उखाना - भाग १. Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

भोयरी उखाना
भाग - १
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

डुल झुंबर को फुल उम्बर को
बिंदराबन पर उजिड
चांद सूर्व्या अम्बर को ।

स्थान चवरी को मान गवरी को
दिवो बरस रात दिन
माहेर म्हरो सावरी को ।

गोऱ्हो धरती को पोरो मुरती को
बोरी की झूल मठाठी
पिठोरो म्हरो किरती को ।

मनी सोना को पानी बाना को
चांदी को घंघार ल्यायो
जिद करे उखाना को ।

पीढो चंदन को कडो आंदन को
........ राव क संगअ
हर जलम स नांदन को ।

रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

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