अजब गजब - ५४ : बिलौट तिलौट
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
पाकिस्तान म अफगानिस्तान सरहद ला लागकन् खयबर पख्तुनख्वा प्रांत स . येनऽ प्रांत क डेरा इस्माईल खान जिला म ' काफिरकोट ' नाव दुय किल्ला ( गड ) स . डेरा इस्माईल खान पासिन ५५ कि.मी. दूर बिलोट नाव को नानोसो गाव स . या जागा हिंदूकुस परबत क पायथाजवर सिंधू नदी क काठ प स . यासिन च सेंधा लोन खदान की पहाडी चालू होस . यहान बालीकोट नाव को खूब मोठो किल्लो ( गढ ) स , जेला आब काफिरकोट कव्हस . यासिन दकसिन दिस्या म ३५ कि.मी. प दुसरो गढ़ स जेला बी काफिरकोट च कव्हस . येनऽ दुय जागा पर को बांधकाम , देऊरना सरखा च स . बालीकोट म ८ मोठऽ देऊर की साखरी स . इन ला उत्तर सिंधू मंदिर कोस . इ किल्लो ( गढ ) अन् देऊरना २००० बरस पुराना स , असी मान्यता स . इसापूर्व १० पासिन ७ व सदी पावतर इन को बांधकाम भये , असो मानस . येम को १ देऊर इ.स. १९९२ म खसे .
यहान का देऊरना नदी क नावकन् स :
१. सिंधू २. वितस्ता ( झेलम ). ३. इरावती ( रावी ). ४. शतद्रु ( सतलज ) ५. सरस्वती ( घग्गर ) ..
यहान क किल्ला क दिवाल साठी अन् देऊर साठी जी पत्थर ( दगुड ) बापरेस वू यान को नहाय . उसा दगुडना च यहान नहाय . इ दगुडना खुशालगड परिन नदी क रस्ता कन् लायेस . बांधकाम करन साठी येनऽ फाडिना ला मोयरज क घर वानी साहाकोनी घडायास . देऊर क बांधकाम पर जास्त असर गंधार कला को अन् कस्मिर कला को दिसस . ( गंधार कला म देऊर को गुम्बद गोल रव्हस त् कस्मिर कला म गुम्बद पिरामिड सरखो रव्हस .)
जवर च मियांवाली तहसील म मनिकोट नाव को गढ स . नाव परिन च अंदाजो आवस क इ किल्लो मनजे हिरा मोती को गढ !
यहान नदी मिन पानी उपसन का पुराना साधन दिसस . खुदाई म चांदी का सिक्का बी सापड्यास . चाराना पयसा क आकार वालऽ येनऽ सिक्का पर येक आंगऽ घोडा को अन् दुसरऽ आंगऽ बयील को चितरंग स .
इतिहास: * पुरानऽ जमाना म अफगानिस्तान पासिन कस्मिर पावतर गंधार राज होतो . येनऽ राज क मझांर मिन सिंधू नदी बाहत होती . येनऽ राज ला ' हिंदूस्याही ' असो नाव होतो . महाभारत काल पासिन ११ व सदी पावतर यहान हिंदू राज होतो .
* काबूल स्याही मिन हिंदू स्याही निकरी जी हिंदू होती अन् येक स्याही बुध्दमत वाली निकरी जिन को राज गिलगिट , बाल्टिस्थान पर होतो .
* काबूल स्याही कुस्यान नी त् कम्बोज वंस मिन निकरी होयेन , असो बी अंदाजो कोनी अभ्यासक लगावस .
* यहान का आखरी हिंदू राज्या , राजा तिल अन् राजा बिल होता . उन क च नाव कन् येनऽ दुय गढ ला ' बिलौट न तिलौट ' इ नाव पड्यो .
* महमूद गझनी न भारत म कयी बेरा लुटपाट करी . वको आवन को रस्तो बिलौट तिलौट परिन च होतो . वू अत्याचार करन साठी अन् देऊर तोडन साठी बदनाम होतो . पर बिलौट तिलौट ( काफिरकोट ) क सिंधू देऊरना ला वोनऽ काहे नी तोड्यो , या त् राज की च अन् अचंभा वाली च बात स .
लेखक : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
अद्भुत इतिहास की जानकारी
ReplyDeleteधन्यवाद जी 🙏
Deletekhup sajri jankari
ReplyDeleteधन्यवाद जी 🙏
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