हनुमान जी की आरती
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
जय जय जय , मारोती महाबली ।
करूस आरती , करजे रखवाली ।। धृ.।।
अंजनीपुत की , महिमा मोठी न्यारी
पवनसुत जी , बालाजी गदाधारी
रुद्र अंस तुमी , अमर बलस्याली ।१।
राम भगत की , अजब बाल लीला
उड्या अगास म , खान ला सूर्व्य गोला
इंदर वज्जर , मार मुंडा प झेली ।२।
रावन करनी , सीता माय ला भोई
वलांडे सागर , खबर तुमी ल्याई
बारी लंका पापी , बिपदा असी टाली ।३।
स्यक्तीबान लाग्यो , तुमाला दुख भयो
लछमन साठी , द्रोनागिरी ला ल्यायो
कपि हनुमंत , सुरत भोली भाली ।४।
भगती को हिरो , सेवाभाव को मोती
सीताराम जी की , हिरदा म बसती
सेंदूर चढायो , सूर्व्यदेव की लाली ।५।
भूतखेत लाव , जवर नही आये
बजरंग बली , नाव ला भजे गाये
सुरेस सिमरे , भर देवो जी झोली ।६।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
हनुमानजीकी सूंदर आरती 👌
ReplyDeleteधन्यवाद जी 🙏
Deleteजय हनुमान
ReplyDeleteजय बजरंग बली
साजरी रचना
धन्यवाद जी 🙏
Delete