Sunday, April 25, 2021

हनुमान जी की आरती. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

हनुमान जी की आरती
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

जय जय जय , मारोती महाबली ।
करूस आरती , करजे रखवाली ।। धृ.।।

अंजनीपुत की , महिमा मोठी न्यारी 
पवनसुत जी , बालाजी गदाधारी 
रुद्र अंस तुमी , अमर बलस्याली ।१।

राम भगत की , अजब बाल लीला
उड्या अगास म , खान ला सूर्व्य गोला
इंदर वज्जर , मार मुंडा प झेली ।२।

रावन करनी , सीता माय ला भोई 
वलांडे सागर , खबर तुमी ल्याई 
बारी लंका पापी , बिपदा असी टाली ।३।

स्यक्तीबान लाग्यो , तुमाला दुख भयो 
लछमन साठी , द्रोनागिरी ला ल्यायो 
कपि हनुमंत , सुरत भोली भाली ।४।

भगती को हिरो , सेवाभाव को मोती 
सीताराम जी की , हिरदा म बसती 
सेंदूर चढायो , सूर्व्यदेव की लाली ।५।

भूतखेत लाव , जवर नही आये 
बजरंग बली , नाव ला भजे गाये
सुरेस सिमरे , भर देवो जी झोली ।६।

रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

4 comments:

  1. हनुमानजीकी सूंदर आरती 👌

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  2. जय हनुमान
    जय बजरंग बली
    साजरी रचना

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