Saturday, April 24, 2021

अजब गजब - ६० : सुरगाना संस्थान. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ६० : सुरगाना संस्थान
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

महाराष्ट्र क नासिक जिला म गुजरात राज्य क हद जवर ' सुरगाना संस्थान ' स . सह्याद्री की रांग सुरगाना तहसील मिन च चालू होस . सुरगाना क महादेव मुखऽ अन् पसचिम म गुजरात को आदिवासी जिलो डांग स . सुरगाना क देशमुख राजा को ' मोतीबाग राजवाडो ' आब बी स . 
१. इतिहास अन् मान्यता : * भगवान भोलेनाथ क १००८ नाव मिसिन येक नाव ' सुरगना ' स . देशमुख घराना को कुलदैवत बी भगवान भोलेनाथ स , तेकन येनऽ संस्थान ला सुरगना नाव देयो , असी मान्यता स . दुसरी मान्यता क अनुसार राजा श्रीमंत प्रतापराव देशमुख क दरबार म येक डाव गायक लोगना को जलसो भयो . वोमऽ येक गायक न असो साजरो गाये क राजा न ' निंबारघोडी ' क जागा प ' सुरगाना संस्थान ' इ नाव देयो . साडेतीन स्यक्ती पीठ म को येक ' सप्तश्रृंगी ' देवी . या देवी माय ' देशमुख कुर ' की कुलदेवी . सुरगाना परीन ८ कि.मी. पर हतगड किल्लो स . 
गुजरात क डांग इलाखा म क १४ संस्थान की  ' सुरगाना संस्थान ' राखन करत होता . इ १४ संस्थान अन् भदर को संस्थान ' सुरगाना संस्थान ' क अधिकार म होता . 
दख्खन मिन सुरत ला जान को बेपारी रस्तो सुरगाना परिन च जात होतो . 
* १३ व सदी म मालवा परीन परमार बंस का देशमुख यहान आया अन् सुरगाना ला आपली राजधानी बनाई . 
* सुरगाना परीन ५/६ कि.मी. दूर ' भदर संस्थान '  बी येन च देशमुख पाती को होतो . 
* भदर संस्थान म माधवराव , यशवंतराव , आनंदराव , नारायणराव इ श्रीमंत देशमुख राजाना भया . 
* सुरगाना संस्थान न पेशवा अन् मुघल सरदार डोंगर खान ला बी हारायतो . सुरगाना संस्थान कोनी क बी आघ हार नी मानत होतो . तेकन सुरगाना संस्थान ला ' बंदी मुलुक ' कवत होता . 
* इ.स. १८६० म ईस्ट इंडिया कंपनी अन् सुरगाना संस्थान मंझार समझोतो भये . 
* सुरगाना संस्थान :
१८१८ - १८१९ : श्रीमंत मल्हारराव देशमुख
१८१९ - १८२० : श्रीमंत भीकाजी देशमुख
१८२० - १८५४ : श्रीमंत यशवंतराव देशमुख
१८५४ - १८६७ : श्रीमंत मुवरराव देशमुख
१८६७ - १८९८ : श्रीमंत प्रतापराव शंकरराव देशमुख
१८९८ - १९३० : श्रीमंत प्रतापराव देशमुख
१९३० - १९४९ : श्रीमंत धैर्यशीलराव देशमुख
* इ.स. १९४९ म सुरगाना संस्थान भारत म सामिल भये . १९४९ म सुरगाना संस्थान की सालाना ट्याक्स की कमाई रु . ६००९२ / होती . संस्थान भारत म सामिल भया बाद देशमुख राजा ला रु. ३००००/ कोई प्रिवीपर्स भेटत होतो . 

( सहयोग : इंजि . जालमसिंग सोढा , जोधपुर ) 
लेखक : इंजि . सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर

2 comments:

  1. शानदार इतिहासिक जानकारी
    हर हर महादेव 🙏

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    1. धन्यवाद... हर हर महादेव

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