Sunday, April 11, 2021

अजब गजब - ५६ : ठिकाना पाटिया. bhoyar culture _ भोयर संस्कृति. bhoyari dialect _ भोयरी बोली

अजब गजब - ५६ : ठिकाना पाटिया
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली

राजस्थान क मेवाड राज म भोमट इलाखा म १० राजपूत ठिकाना होता . वोम को येक पाटिया क पंवार ( परमार ) को पाटिया ठिकानो होतो . 
मेवाड क महाराणा क दरबार म उन ला आघ की बयठक को मान अन् ठाकुर पदवी होती . ठिकानेदार ला तीसरऽ दरजा का ज्युडिसियल अधिकार होतो . ६ मह्यना की कयीद अन् १०० रुप्या को दंड करन को बी अधिकार होतो . १००० रुप्या पावतर का दिवानी मुकदमा को फयसलो करन को उन ला अधिकार होतो . 
इ.स. १९४३ क सरकारी रपट क अनुसार महाराणा भूपाल सिंह न पाटिया ठिकानेदार ला जेल बनावन को ( दुय कमरा ) , दरबार म आघ की बयठक , दरीखान को बीडो अन् पाय म सोनो पेहरन को अधिकार देयेतो . इ.स. १९४१ ठिकाना पाटिया म १५ गाव होता . येनऽ ठिकाना की सालाना आमदनी ३००० रुप्या होती . 
ठिकाना पाटिया क दकसिन म गुजरात , सूर्व्यामुखी डुंगरपुर , महादेव मुखऽ जवास अन पसचिम म ईडर होतो . 
इतिहास : * मेवाड राज क हाथ खलतऽ वि.स. ९०२ म पंवार बदनसिंह न बदनोर बसाडे . 
* जवान सिंह ला ठिकाना पाटिया को पह्यलो संस्थापक मानस . जवान सिंह क बाद मोठो पोरग्यो पंचायण गादी प बसे . पंचायण क बाद जवान सिंह को नानो भाई जगमाल न  वि.स. १४५१ पासिन राज संभाले . 
* वि.स. १४७४ म जगमाल को मोठो पोरग्यो मालदेव न राज करे . वोन बेरा मालदेव न आपरऽ नानऽ भाई रडमल ला खिलजी क खिलाफ लढाई म मेवाड क राणा कुम्भा क मदद साठी १७०० सवार लेकन पठाया . ( वि.स. १४९९ ) .
* मालदेव क बाद वको पोरग्यो अजब सिंह अन् अजब सिंह क बाद वको पोरग्यो जवान सिंह ( वि.स. १५५५) न राजपाट संभाले . 
* वि.स. १५८१  म जवान सिंह को पोरग्यो जसवंत सिंह गादी पर बसे . वोन बाबर संग बी लढाई करीती . 
* वि.स. १५९४ म जसवंत सिंह को पोरग्यो हरिसिंह न राजपाट संभाले . हरिसिंह न दलेल सिंह ला गोद ( दत्तक ) लेयो . वि.स. १६२४ की अकबर अन् राणा उदय सिंह क लढाई म दलेल सिंह राणा उदय सिंह किथिन लढ्यो . 
* दलेल सिंह क बाद वको पोरग्यो उदय सिंह गादी पर बस्यो . इ.स. १५७६ की  जगपरसिध्द हरदीघाटी की लढाई म उदय सिंह न महाराणा प्रताप सिंह किथिन मुगल क संग लढाई करी . इ.स. १५७७ म कुम्भलगढ ला महाराणा प्रताप अन् स्याहबाज खान की लढाई भयी . येनऽ लढाई म बी उदय सिंह स्याहबाज खान ला आपरऽ तरवार को पानी दिखाडे . 
* उदय सिंह क बाद वको पोरग्यो दयाल सिंह न राजपाट संभाले . वि.स. १६०४ म दयाल सिंह को पोरग्यो लाल सिंह गादी पर बस्यो . वि.स. १७१३ म लाल सिंह को पोरग्यो रूप सिंह अन् वि.स. १७५३ म रूप सिंह को पोरग्यो दवलत सिंह गादी पर बस्यो . 
* वि.स. १७८४ म दवलत सिंह को पोरग्यो किरत सिंह गादी पर बस्यो . वि.स. १८०४ म किरत सिंह को पोरग्यो अभय सिंह न राजपाट संभाले . वि.स. १८३५ म अभय सिंह को नानो भाई रतन सिंह गादी पर बस्यो . 
* वि.स. १८६१ म रतन सिंह को पोरग्यो बखत सिंह अन् वि.स. १९२६ म बखत सिंह को पोरग्यो गुलाब सिंह गादी पर बस्या . वि.स. १९२८ ला गुलाब सिंह को पोरग्यो भवानी सिंह गादी पर बस्यो . गुलाब सिंह क बाद खुमान सिंह अन् बाद म खुमान सिंह को नानो भाई विजय सिंह गादी पर बस्यो. उन ला रावत पदवी भेटीती . 
* वि.स. २०१७ ( इ.स. १९६० , १५ जून ) ला विजय सिंह को पोरग्यो लक्ष्मण सिंह की तखत पोसी भयी . 

लेखक : इंजि . सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर 

2 comments:

  1. खूब साजरी इतिहासिक जानकारी अभिनंदन

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