भोयराऊ बोली
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
सिन्धु नरबदा तापी
काठऽ सिपरा क खेली
माय वरधा की माया
गोड भोयराऊ बोली ।१।
दस हजार बरस
उमर की मायबोली
पुरखाना को आसिस
म्हरी भोयराऊ बोली ।२।
लढाई म ज्या गरजी
खेत खल्यान म डोली
घाट घाट पेये पानी
असी भोयराऊ बोली ।३।
राज वयभव भोगे
दूर दूर फली फुली
हिंदी मालवी की बोली
म्हरी भोयराऊ बोली ।४।
हिंदी मालवी निमाडी
बुनदेलखंडी बोली
गुजराती राजस्थानी
मराठी न भरी झोली ।५।
इंग्रजी मराठी न्
हिंदी की मुंडा म गोली
काहे करे रे पोतिरो
पुसे भोयराऊ बोली ।६।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
सब ख अपनो साथ मिलाय ख बनी है मोरी बोली
ReplyDeleteअभिनंदन
धन्यवाद जी
DeleteGhadi sajri rachna.
ReplyDeleteधन्यवाद सर
Deleteभोयराऊ बोली,,सुंदर वर्णन 👌👌👌
ReplyDeleteधन्यवाद सर
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