आई बसंत पंचमी
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
आई बसंत पंचमी
येनऽ दिन की किरती
रची बरमा जी माया
तारा अगास धरती ।१।
आई बसंत पंचमी
जल्मी माय सरोसती
ल्यायी ग्यान भंडार ला
हात धरकन पोथी ।२।
आई बसंत पंचमी
राजा भोज की जयंती
दिन रात सिमरुस
करू पूजन आरती ।३।
आई बसंत पंचमी
राम बनवास गती
खाया बोर स्यबरी का
माय वानी गा पिरती ।४।
आई बसंत पंचमी
बिस्नुदेव की किरती
माया पिरती को रथ
कामदेव गा सारथी ।५।
आई बसंत पंचमी
आम्बा बार की भरती
रितुराज बसंत म
फुल परसा की जोती ।६।
आई बसंत पंचमी
नस्या हवा म सूरती
रंगोरंगी की बहार
झाड बेल म नवती ।७।
आई बसंत पंचमी
सुगंध मह्यके माती
उंबी सोला क हुरा की
कठान म सिरीमंती ।८।
आई बसंत पंचमी
भयी पिवरी धरती
झुंड फिफोली का उडे
जीव नानो हिकमती ।९।
आई बसंत पंचमी
घाडी वकी स महती
मोठो तिवार भोयरी
सुख गंगा च बह्यती ।१०।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
जय राजा भोज
ReplyDeleteजय राजा भोज
Deleteजय हो
ReplyDeleteखूब साजरी रचना