येस्टी - लाल परी
( भोयरी कविता )
गाव खेडा नगर स्यहर
धाये दादा लाल परी
आवन जावन को साधन
येस्टी को च आजवरी ।१।
स्यारा का पोटुबाटूना
बिह्या बजार की वारी
माया ममता की येस्टी
बाई सी लेकुरवारी ।२।
हालटिंग की पाव्हनी
मुक्काम सकार वरी
जास धुड्डो उडावत
सडक सोनपिवरी ।३।
नान्हा मोठा संग नातो
येस्टी सबन की प्यारी
इस्ट्यांड को ठिकानो
अयरावत सवारी ।४।
हडताल को हो हल्लो
आयी बिपदा जी भारी
चाक थांबेस येस्टी को
दुखी स जनता सारी ।५।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
आवागमन को सबसे बढ़िया साधन बहुत बढ़िया लिखा है
ReplyDeleteसमीक्षा के लिए हृदय से आभार जी 🙏🙏
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