माती माय को पोरग्यो
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
गाना म भरतुहरी
मन म मांडव - धार
माती माय को पोरग्यो
म्हरो भोरो कास्तकार ।१।
कास्तकारी वो की पूंजा
खेत वो को दरबार
बाराई कार झिजस
झेल कन् सारो मार ।२।
सरकार को तितंबो
पावूस पानी की मार
डोरा म स बरसाद
पर गडी दिलदार ।३।
कोनी पोटी नी देत जी
देख कन् कास्तकार
राज आयो गुलाम को
राजो भयेस बेकार ।४।
दवाखाना म भरती
तब्येत म नी सुधार
खेत बासन गहान
सारो खटलो उधार ।५।
वोला डायेस येकटो
कुनी को च नी आधार
घास देस सबन ला
वो क पेट म अंधार ।६।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
खूब साजरी रचना जी
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