मह्यंगाई की हूर
Bhoyar culture _ भोयर संस्कृति
Bhoyari dialect _ भोयरी बोली
हीत भर पेट साठी
पड्ये जलम नपूर
महामारी कोरोना की
संग मह्यंगाई हूर ।१।
इत उत चितंबो च
बिघडेस ताल सुर
घर न्हाय दार दानो
येम कोको स कसूर ।२।
भूकीज्यास पोटुबाटू
देख्ये टुकुर टुकुर
ज्याम भयो गावगाडो
चक्को रोवे कुर कुर ।३।
इंधन नी वंगन नी
बिना बयील की धुर
कसो धकावनो गाडो
जान को स लय दूर ।४।
जोत सरी उम्मीद की
मान भयो चूर चूर
आस मरी जिंदगी की
कहान लुकेस नूर ।५।
रचना : सुरेश महादेवराव देशमुख , नागपूर
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